World Consumer Right Day 2022 इसका संपूर्ण इतिहास

World Consumer Right Day क्या है | World Consumer Right Day की शुरुआत की हुई थी |

 विश्व उपभोक्ता दिवस 2022 

World Consumer Rights Day 2021
World Consumer Rights Day 2022
Image Source:- https:www.jagran.com

 

 

World Consumer Rights विश्व उपभोक्ता दिवस हर साल 15 मार्च को मनाया जाता है। इस दिवस का मुख्य उद्देश्य लोगों या उपभोक्ताओं के अधिकारों और उनकी जरूरतों के बारे में ज्यादा से ज्यादा जागरूकता पैदा करने के लिए इस दिवस को विश्व स्तर पर मनाया जाता है, ताकि उपभोक्ता किसी भी प्रकार की बेईमानी से खुद को बचा सके अथवा उपभोक्ता सामाजिक अन्याय के खिलाफ कठोरता से उस लड़ाई को लड़ सके।

World Consumer Right day का इतिहास और उत्पत्ति

  15 अप्रैल 1962 को पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी ने अमेरिकी कांग्रेस को संबोधित करते हुए निम्नलिखित पंक्तियों को कहा।

  “परिभाषा के अनुसार उपभोक्ताओं में हम सभी शामिल हैं।  वे लगभग हर सार्वजनिक और निजी आर्थिक निर्णय से प्रभावित और प्रभावित होने वाले सबसे बड़े आर्थिक समूह हैं।  फिर भी वे एकमात्र महत्वपूर्ण समूह हैं … जिनके विचार अक्सर नहीं सुने जाते हैं।  “

  उन्होंने दुनिया भर के उपभोक्ताओं की समस्याओं पर प्रकाश डाला और उपभोक्ता अधिकारों का पालन करने के लिए प्रेरित किया।  15 अप्रैल 1983 को फर्स्ट वर्ल्ड कंज्यूमर राइट्स डे मनाया गया, कंज्यूमर्स इंटरनेशनल द्वारा, दुनिया भर के उपभोक्ताओं के अधिकारों के लिए काम करने वाला एक वैश्विक अभियानघ है और इसके 120 देशों में 250 से अधिक सदस्य संगठन हैं।  कंज्यूमर इंटरनेशनल के लिए काम करने वाले उपभोक्ता अधिकार कार्यकर्ता अनवर फजल ने 15 अप्रैल को विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस के रूप में मनाने का प्रस्ताव रखा।

 India में World Consumer Right day का इतिहास 

भारत में Consumer आंदोलन की पहली बार शुरुआत महाराष्ट्र में सन् 1966 में की गई थी। सन् 1974 में ग्राहक पंचायत की शुरुआत महाराष्ट्र के पुणे से हुई थी, इसके बाद से यह भारत के कई अन्य राज्यों में उपभोक्ता संरक्षण के लिए कई संस्थानों का निर्माण किया गया, और इसके साथ ही यह आंदोलन और जगहों पर फैलता चला गया। 9 दिसम्बर 1986 को, उस समय के तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री राजीव गांधी की पहल पर पहली बार इस पर संसद में उपभोक्ता संरक्षण विधेयक पेश किया गया, और साथ ही राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद इसने कानूनी रूप धारण कर लिया। 

इसमें समय समय पर संशोधन भी होते रहे हैं, पिछले ही साल इस कानून में एक संशोधन यह किया गया कि, ग्राहकों को अधिक सशक्त और सक्षम बनाने की दिशा में कार्य किया जाये। World Consumer Right Day

भारत सरकार ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम Consumer Protection Act 1986 में कई महत्वपूर्ण बदलाव भी किये हैं। अब इस उपभोक्ता कानून के लागू हो जाने के साथ ही, किसी भी प्रकार का विज्ञापन देने वाली कंपनियों के अलावा उस विज्ञापन के कलाकारों को भी जवाबदेही के लिए पहले से कहीं ज्यादा जवाब देय बनाया गया है। और इसके अलावा सरकार ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत ऑनलाइन प्लेटफार्म या ई-कॉमर्स कंपनियों को भी इसके दायरे में शामिल किया है। 

विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस थीम 2022 World Consumer Rights Day Theme 2022

कंज्यूमर इंटरनेशनल ने सोमवार को विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस 2022 की थीम “फेयर डिजिटल फाइनेंस” की घोषणा की। वैश्विक उपभोक्ता वकालत आंदोलन हर जगह उपभोक्ताओं के लिए उचित डिजिटल वित्त का आह्वान करेगा।

भारत में उपभोक्ताओं को प्राप्त अधिकार

1- कहीं पर भी किसी भी उपभोक्ता को शिकायत दर्ज कराने का अधिकार होगा, इस नये नियम के तहत कोई भी उपभोक्ता किसी भी आयोग में अपनी शिकायत दर्ज करवा सकता है। इससे पहले यह कार्य केवल उस सामान बनाने वाली पंजीकृत कंपनी के निर्माण वाले कार्यालयों में ही की जा सकती थी। 

2- कलाकार भी होगें जिम्मेदार

अब इस अधिनियम के तहत केवल सामान बनाने वाली कंपनी ही नहीं बल्कि,  उस सामान का प्रचार करने वाले कलाकारों को भी इसके लिए जिम्मेदार ठहराया जाएगा और उनको इसके लिए सजा के साथ ही साथ जुर्माने से भी दण्डित किया जायेगा। इसलिए अब कलाकार लोग भी सोच समझ कर कोई विज्ञापन करते हैं। 

3- Online शॉपिंग कंपनियां भी शामिल होंगी

 इस नए कानून में ऑनलाइन व्यापार करने वाली कंपनियां जिसे ई-कॉमर्स कंपनियां भी कहा जाता है,  को शामिल किया गया है। अब ऑनलाइन दुकानदारों को उत्पाद या सेवा के लिए ग्राहक देखभाल पर निर्भर नहीं रखना पड़ता है, वह अपनी शिकायत भी दर्ज कर सकते हैं। 

4- वेंडर भी होंगे जिम्मेदार

इस नए कानून के तहत अब विक्रेता भी इस कानून के दायरे में आ जाएंगे। यदि कोई दुकानदार निर्धारित की गई मूल्य पर से अधिक पर सामान बेच रहा है तो उसे खिलाफ कानूनी कार्रवाई संभव हो सकती है। 

5- मिलावट करने पर होगी जेल या जुर्माना

 अब खाने पीने वाले पदार्थों को भी इस कानून के तहत शामिल किया गया है। यदि कोई  खाने पीने की वस्तुओं में किसी भी प्रकार की मिलावट  करता है तो उसके लिए कंपनियों या दुकानदारों पर जुर्माना और जेल का प्रावधान किया गया है। मिलावट के मामले में किसी भी दुकानदार या कंपनी को 6 माह की सजा जबकि मिलावट के कारण अगर किसी उपभोक्ता की मृत्यु हो जाती है, तो उसके लिए उम्र कैद की सजा का प्रावधान किया गया है। 

6- शिकायत का होगा समाधान

पहले जिला स्तर पर 20 लाख रूपये तक के, तथा राज्य स्तर पर 1 करोड़ रूपये तक के मूल्य के मामले तथा इससे अधिक राशि पर राष्ट्रीय स्तर पर सुनवाई की जाती थी, लेकिन इस नए संशोधन कानून के तहत अब जिला आयोग 1 करोड रुपए तक के मामले, राज्य आयोग 10 करोड़ तक के मामले तथा इससे अधिक राशि के मामलों की शिकायत राष्ट्रीय स्तर पर की जा सकती है। 

7- कंपनियों के खिलाफ क्लास एक्शन सूट

यदि किसी कंपनी के उत्पाद के खिलाफ कई मामले कई अलग-अलग जगहों पर दर्ज किए जाते हैं तो उस कंपनी को भारत में भी क्लास सेक्शन सूट से डरना होगा। 

8- विभाग को बनाया जायेगा मध्यस्थ

ग्राहक मध्यस्थता सेल का गठन किया गया है, अगर दोनों पक्ष चाहे तो आपसी सहमति से मध्यस्थता का विकल्प चुन सकते हैं। 

9- ग्राहक को होगा सूचना का अधिकार

 किस अधिनियम के तहत अब अब कोई भी ग्राहक उत्पाद या सेवा के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकता है जैसे कि वस्तु की मात्रा, क्षमता, गुणवत्ता, शुद्धता, स्तर और कीमत के बारे में भी जानकारी प्राप्त किया जा सकता है। 

10- शिकायतों के निवारण के लिए ग्राहकों को होगा अधिकार

किसी कंपनी या दुकानदार को किसी भी ग्राहक की किसी प्रकार की समस्या या असुविधा का तुरंत निपटारा करने का कार्य कंपनी है दुकानदार को करना अनिवार्य होगा। 

11- कंपनी सेवा या उत्पाद के लिए किसी भी प्रकार का दबाव नहीं बना सकती है

कोई भी कंपनी किसी भी ग्राहक को जबरन कोई भी सामान खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकती है जब तक उपभोक्ता उस वस्तु की अच्छे तरीके से जांच नहीं कर लेता है तब तक उसको खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकेगा। 

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12-  जो लोग बढ़ा-चढा कर विज्ञापन करते हैं वे जेल जा सकते हैं

विज्ञापन मानक परिषद (एएससीआई), एक संगठन है जो विज्ञापनों की प्रामाणिकता की जांच करता है, उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019, ने सभी विज्ञापनदाताओं को भ्रामक जानकारी को बढ़ावा देने से बचने की सलाह दी है। नहीं तो उनके खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाया जायेगा। 

ASCI ने उम्मीद की है कि नए अधिनियम का भ्रामक विज्ञापनों पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा। ASCI जल्द ही प्रिंट और टीवी पर निगरानी के साथ डिजिटल मीडिया पर दिखने वाले संभावित भ्रामक विज्ञापनों की निगरानी शुरू करेगा। इस नए कानून के तहत, उपभोक्ता अपनी शिकायतें जिला या राज्य उपभोक्ता आयुक्त के पास दर्ज कर सकते हैं, जहां वे निवास करते हैं, बजाय इसके कि उन्होंने उपर्युक्त उत्पाद / सेवा कहां से खरीदी।

World Consumer Right Day पर उपभोक्ता के लिए 10 Tips

1- कभी भी दबाव न डालें

2- हस्ताक्षर करने से पहले अनुबंध contracts पढ़ें और समझें

3- कभी भी अपना SIN, क्रेडिट कार्ड नंबर या बैंक खाता नंबर तुरंत न दें

4-  उस व्यवसायों की जांच करें यदि आप उनसे परिचित नहीं हैं

5- आधुनिक जानकारी से परिपूर्ण रहो

6- अपनी क्रेडिट रिपोर्ट की जाँच करें

7- offer  के बारे में सही से जानकारी लें

8- अपने बजट के हिसाब से कार्य करें

9- यदि कोई चीज सेल पर हैं तो भी उन चीजों को न खरीदें जिनकी आपको जरूरत नहीं है

10- अपनी रसीद जरूर लें

भारत में उपभोक्ताओं को प्राप्त 6 अधिकार (6 basic rights of consumers in India) 

1-  उत्पाद से सुरक्षा का अधिकार

2- उत्पाद के बारे में जानने का अधिकार

3- अपनी उत्पाद चुनने का अधिकार

4- खराब उत्पाद के लिए कार्यवाही करने का अधिकार

5- सभी उपर्युक्त अधिकारों के लिए अधिकार

6- उपभोक्ता को सामान को खरीदने से पहले शिक्षा या जानने के लिए अधिकार

 

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